Friday, July 12, 2019

>इल्लुमिनाति का अंतराष्ट्रीय राजनैतिक षड़यंत्र।

इस्लाम नामक जैविक हथियार का इस्तेमाल करने की साज़िश

मित्रों जब 1400 साल पहले मक्का से मानवता के खून की प्यासी इस्लाम की तलवार लपलपाते हुए जब निकली तो एक एक करके अरब,ईरान,इराक,सीरिया,लेबनान,मिश्र,टर्की,दमिश्क,तुर्किस्तान,अफगानिस्तान,कतर बलूचिस्तान से ले के मंगोलिया और रूस तक टिड्डी दल की तरह ये नर पिशाच ध्वस्त करते चले गए!

स्थानीय धर्मों परम्पराओं का लोप हो गया शान से इस्लाम का राक्षसी झंडा आसमान चूमता हुआ अफगानिस्तान होते हुए सिंध के रास्ते हिंदुस्थान पहुंचा है।
यहां तक पहुँचने में करोड़ो हिन्दुओ की लांसे बिछा दी इस इस्लाम नामक टिड्डी दल ने।

ये दिखने में तो मनुष्य की तरह हैं पर विचारधारा मानवता विरोधी और राक्षसी रहती है और इनका रहन सहन ऐसा रहता जैसे ये किसी के कंट्रोल में एक गुलाम रहता है।

इन्हें अल्ला के नाम पर डरा कर रखा जाता है जैसे एक गुलाम डर कर रहता है लेकिन क्या ये अल्ला की गुलामी करते हैं तो मैं कहूंगा नही।
फिर ये गुलामी किसकी करते हैं असल मे सवाल ये है तो उससे पहले इस्लाम के जन्म की वास्तविकता जानना जरूरी है।

मित्रो जैसा कि आमजन मानस और किताबो में लिखा गया कि इस्लाम की स्थापना मुंहम्मद ने की और कुरान भी उसी ने लिखी लेकिन अगर आप हदीसो का अध्ययन करेंगे तो वहां बताया गया है कि मुंहम्मद अनपढ़ था और कुरान उसे किसी जिब्राइल नाम के फरिस्ते ने दी थी।

अब सवाल ये है कि जब मुहम्मद अनपढ़ था तो कुरान पढ़ी कैसे और अल्ला का संदेश दिया कैसे?

तो ये मुंहम्मद की इस्लाम स्थापना वाली थ्योरी यही पर झूठ साबित हो जाती है लेकिन अगर आप यहूदियों का धर्म ग्रन्थ तौरेत पढ़ते हैं तो वहां आपको उनका पहला पैगम्बर मूसा मिलेगा और मुसलमानों ईसाइयों का पहला पैगम्बर मूसा ही है बस यही ये तो इनकी पोल खुल जाती है।

यहूदियों का यहूदी मजहब कलयुग के शुरुआत में ही बना था और आज जो खूनी आयते कुरान में मिलती हैं वो कभी तौरेत में हुआ करती थी जिसे अब षणयंत्र के तहत छुपाया गया है।

बाइबिल में भी यही खूनी बाते डाली गई थी जिसे ओल्ड टेस्टामेंट कहकर हटाया गया और न्यू टेस्टामेंट एडिट किया गया था।

असल मे इल्लु के प्रमुख ऐजेंट्स यहूदियों ने ही इस्लाम को बनाया था और वो सारी बाते तौरेत से निकाल के आयतो के माध्यम से कुरान हदीसो में डाली जो सनातन विरोधी थी और एक इस्लाम नाम का ऐसा टिड्डी दल हथियार तैयार किया जो न्यू वर्ल्ड ऑर्डर का सपना हकीकत में बदलने के लिए सक्षम है।

जैसे एक मशीन कमांड में चलती है वैसे ही ये मुसलमान जेहादी कुरान की कमांड में गुलाम की तरह चलते हैं।

आज आप अपनी वेदों पुराणों की मानवता वाली बातों को मुसलमानो के धर्म ग्रन्थ और उनके रहन सहन से मेल मिलाप करेंगे तो सभी चीजों में विरोधाभास ही मिलेगा क्योकि इस्लाम मे कहीं भी मानवता को डाला ही नही गया।
वो तो एक जैविक हथियार है जो 1400 सौ साल पहले बनाया गया जिसका माइंड सेट सिर्फ सनातन को बरबाद करने के लिए किया गया है।

कुरान की सुरा 9 आयत 5 के माध्यम से मूर्ति पूजक हिन्दुओ की हत्या करने का आदेश लिखा गया

हिन्दुओ के पवित्र स्थलों को तोड़ना,उनकी भूमि पर कब्जा करना,उनकी स्त्रियों का बलात्कार करना,उनके मूर्तिपूजा करने पर ऊन्हे काफिर कहकर उनकी हत्या करना।

ये सब मुसलमान जन्म से सिख कर नही आता उसे कुरान से ये सारी मानवता विरोधी बाते सिखाई जाती है जो कि कुरान में उन्हें उनका धर्म बताया गया है और फिर वहां से मिले जिहाद के आदेश को वो प्रत्यक्ष रूप से पूरा करता है।

आज आप कितना भी मुसलमानो को मानवता का पाठ पढ़ाये पर वो वही करेगा जो उसके कुरान में उसे हिदायत मिलेगी।

आज से 400 साल पहले देश के देश बरबाद करने के बाद ये इस्लाम नामक टिड्डी दल भारत आने में काफी कमजोर पड़ गया था क्योकी भारत शूरवीरों की धरती है जिन्होंने इनको इन्ही के तरीके से नष्ट करना शुरू कर दिया था इतिहास से इस्लामिक खिलजी तुग़लकवँशी और मुगलो की बरबादी पढ़ सकते हैं।

जब इल्लु को लगा कि उसका न्यू वर्ल्ड ऑर्डर का सपना धुंधला हो रहा है जिस टिड्डी दल को सनातन विनाश के लिए भेजा था वो कमजोर पड़ रहा तो तो ईसाइयों के साथ यहूदी भारत मे लूट पाट कब्जा के साथ सनातन संस्कृति से खिलवाड़ करने की कोशिश में 300 साल ईस्ट इंडिया कम्पनी के माध्यम से भारतवर्ष पर राज करके सारा इतिहास भूगोल बदल दिया।

शायद किसी को पता नही होगा पर ईस्ट इंडिया कम्पनी का मालिक ईसाई नही था बल्कि एक नीच यहूदी था।
जो पर्दे के पीछे से सारा खेल खेल रहे हैं वो रोथ्स्चाइल्ड और रॉकफेलर कोई और नही यहूदी ही थे।
दुनिया के सामने यहूदी ईसाई मुसलमान आपस मे लड़ते हैं और सबकी नजर में इजरायल एकमात्र यहूदी देश है वास्तव में इजराइल कभी न बनता अगर हिटलर उनकी हत्याकांड न करता।

हिटलर जो कि खुद को आर्य कहता था उस को पता था कि ये यहूदी ही सारा खेल कर रहे हैं वो चाहे दुनिया का सबसे महंगा जहाज टाइटैनिक डूबाना हो और उसके फाइनेंस के पैसे से प्रथम विश्व युध्द की तैयारी हो या भारत को गुलाम बनाना हो।

सन 1757 में भारत आई कंपनी ईस्ट इंडिया कंपनी का पहला गवर्नर Warren Hasting भी एक (JEWS) यहूदी था जो 1774 में गवर्नर बना था उस के बाद वाले भी यहूदी ही थे।

वारेन हेस्टिंग्स ने ही सुप्रीम कोर्ट बनाया था जिसमे न्याय मूर्ति के नाम पर इल्लु के एजेंट बैठकर भारत की सनातन संस्कृति की बरबादी लिखते हैं।

जिस कुरान में शरीयत की बात होती है मुसलमान भी नहीं जानते कि शरियत कानून कैसे बना?

ईस्ट इंडिया कंपनी का गवर्नर वारेन हेस्टिंग्स
जब कम्पनी में कर्मचारी बनकर काम करता था तब भारत में अफीम उगाना और उसे चीन को बेचना यही धंधा करता था।
हेस्टिंग्स ने इस ड्रग्स के धंधे में काफ़ी काम किया और खुश होकर ईस्ट इंडिया कम्पनी के यहूदी मालिक रोथ्सचिल्ड ने उसे 1773 से 1785 तक भारत का गवर्नर जनरल बना दिया।

तब सुप्रीम कोर्ट बनाने के साथ वारेन हेस्टिंग्स ने ख़ुद हिन्दू और मुस्लिम पर्सनल लॉ बनाए ।

उसने मुस्लिमों के लिये तीन तलाक़ वाला शरिया कानून बनाया,जो क़ुरान में भी नहीं है और बाद में इल्लु एजेंटों ने इसे हदीस में घुसा दिया।
उसी हेस्टिंग्स ने मुस्लिमों को शिया और सुन्नी में बाँटा और टिड्डी दल को दो भागों में बांट दिया।

अल हिदाया और फतवा-ए-आलमगीरी औरंगज़ेब के दरबार में क्रिप्टो यहूदियों द्वारा लिखे गए थे।

जब भारत सत्ता हस्तांतरण हुआ तो हिन्दुओं के सामाजिक कानूनों “धर्म शास्त्रों” को समाप्त तो किया गया पर मुस्लिमों का “शरिया” कानून आज भी चल रहा है ऐसा क्यो?
जितने भी इस्लामिक जेहादी संगठन हैं उनको हथियार सप्लाई करने का काम ईल्लु गैंग द्वारा ही किया जाता है ।
इनके तेल के भंडार भी इसी गैंग के नियंत्रण में है जो सिर उठाता है उसे कुचल दिया जाता है चाहे वो सद्दाम हुसैन हो या गद्दाफी ।

हिन्दुओ (हिंदुस्तान में रहने वाली  प्रजा) सावधान हो जाओ
दुश्मन बहुत शातिर है और लगातार बढ़ रहा है।

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